विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देने, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करने तथा नई प्रौद्योगिकियों को समय-सयम पर समाज के लिए उपयोगी समाधान में बदलने का आह्वान किया है। वे आज नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव-ईएसटीआईसी 2026 के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा कि भारत के अनुसंधान और नवाचार तंत्र की सफलता का आकलन राष्ट्रीय विकास और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान के अनुरूप किया जाना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि ईएसटीआईसी को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंच बनाने पर बल दिया जहां दुनिया भर के शोधकर्ता, शिक्षाविद और नवोन्मेषक भाग लें।
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय के. सूद ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का उद्देश्य केवल नई खोजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान विकसित करना भी होना चाहिए। उन्होंने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर सहयोग का आह्वान किया।