सितम्बर 21, 2026 6:52 पूर्वाह्न

printer

रूस में ड्रोन हमलों के बीच संसदीय चुनाव का मतदान खत्म, क्रेमलिन का दबदबा बरकरार रहने के संकेत

रूस में युद्ध के दौरान हुए पहले संसदीय चुनाव के लिए रविवार रात मतदान खत्म हो गया। इस चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का लगभग कोई विरोध नहीं था और क्रेमलिन का दबदबा और मजबूत होना लगभग तय है। तीन दिन तक चले इस चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेनी सेना ने रात भर में रूस पर 1,000 से ज़्यादा ड्रोन दागे, जिनमें से सैकड़ों मॉस्को की ओर भेजे गए थे। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान खत्म होने तक मतदान का प्रतिशत 56.66 प्रतिशत रहा।
 
11.1 करोड़ योग्य मतदाताओं के लिए शुक्रवार को मतदान शुरू हुआ था। इसमें यूक्रेन के उन चार इलाकों के लोग भी शामिल थे जिन पर युद्ध शुरू होने के बाद मॉस्को ने गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा कर लिया था, लेकिन जिन पर उसका अभी भी पूरी तरह नियंत्रण नहीं है। साथ ही, इसमें क्रीमिया के लोग भी शामिल थे, जिस पर रूस ने कथित तौर पर 2014 में गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा किया था।
 
कीव के अधिकारियों ने रूस के कब्ज़े वाले इलाकों में हुई मतदान को गैर-कानूनी बताया और विदेशी सरकारों से नतीजों को मान्यता न देने की अपील की। शुक्रवार को यूरोपीय संघ ने इस कदम को “अंतर्राष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन” करार दिया। जब रूस और यूक्रेन के रूसी कब्ज़े वाले इलाकों में मतदान खत्म हुआ, तब भी अमेरिका समेत पश्चिम की ओर के टाइम ज़ोन में दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वोटिंग जारी थी। इस चुनाव के बाद क्रेमलिन का नियंत्रण बने रहने की उम्मीद है।