भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनिवासी भारतीयों और भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध मौजूदा केवाईसी सुविधा को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए बढ़ा दिया है, जिससे बैंकों को विदेशों में निर्दिष्ट प्राधिकरणों द्वारा प्रमाणित केवाईसी दस्तावेजों की मूल प्रमाणित प्रतियां स्वीकार करने की अनुमति मिल गई है।
संशोधित निर्देशों के तहत, बैंक आधार से संबंधित प्रमाण की मूल प्रमाणित प्रति या एफपीआई के लिए आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज स्वीकार कर सकते हैं, जिसका प्रमाणन निर्दिष्ट अधिकारियों द्वारा किया गया हो।
प्रमाणित प्रतियों को भारत में पंजीकृत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की विदेशी शाखाओं, भारतीय बैंकों के साथ संबंध रखने वाले विदेशी बैंकों की शाखाओं, विदेश में नोटरी पब्लिक, कोर्ट मजिस्ट्रेट, न्यायाधीश, या उस देश में भारतीय दूतावास/महावाणिज्य दूतावास के अधिकृत अधिकारियों, जहां अनिवासी ग्राहक रहता है, के अधिकृत अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जा सकता है।
यह संशोधन शुक्रवार को आरबीआई (वाणिज्यिक बैंक – अपने ग्राहक को जानें) संशोधन निर्देश, 2026 के माध्यम से जारी किया गया था जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।