रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में कई बड़े सुधारों की घोषणा की है। आज नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब उर्वरकों का परिवहन पारंपरिक बंद मालगाड़ियों के बजाय विशेष रूप से तैयार कंटेनरों में किया जा सकेगा। श्री वैष्णव ने कहा कि देश में उर्वरकों के परिवहन का 85 प्रतिशत हिस्सा रेलवे के माध्यम से होता है। कंटेनरों के इस्तेमाल से माल की ढुलाई और भंडारण आसान होगा तथा पूरी रेक को रोके बिना अलग-अलग कंटेनरों को रखा जा सकेगा।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार रेलवे में सुधारों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने फ्लाई ऐश के परिवहन में भी बड़ा बदलाव करते हुए बताया कि अब इसका परिवहन खुले वैगनों के बजाय विशेष कंटेनरों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में हर साल लगभग 34 करोड़ टन फ्लाई ऐश पैदा होती है, जिसका उपयोग सीमेंट और सड़क निर्माण में होता है। नई व्यवस्था से लोडिंग, परिवहन और भंडारण के दौरान धूल प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कंटेनर नीति के तहत एकीकृत लाइसेंस प्रणाली की भी घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि अब उद्योग जगत अपने स्तर पर वैगन का डिजाइन तैयार कर सकेगा। किसी भी डिजाइनर या निर्माता के प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के बाद अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन प्रोटोटाइप बनाने की अनुमति देगा। इससे विभिन्न उद्योगों की जरूरत के अनुसार विशेष वैगन विकसित किए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए जल्द ही रेल भूमि पोर्टल शुरू किया जाएगा। श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे परियोजनाओं के लिए कौशल प्रमाणन प्रणाली भी अधिकतम 24 महीनों में लागू की जाएगी, ताकि प्लंबर, वेल्डर, फिटर, राजमिस्त्री, कंक्रीट परीक्षक और अन्य श्रमिकों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।