रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य और निर्माणाधीन ‘नमो सेतु’ का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की।
निरीक्षण के बाद संवाददाताओं से बातचीत में रेल मंत्री ने बताया कि ‘नमो सेतु’ एक संयुक्त रेल और सड़क पुल होगा। उन्होंने कहा कि ‘नमो सेतु’ का निर्माण अगले 100 वर्षों की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस पुल के ऊपरी हिस्से पर छह-लेन का राजमार्ग होगा, जबकि निचले हिस्से पर चार रेलवे ट्रैक होंगे। काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि यहाँ से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा आसान हो सके। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर फुटबॉल के मैदान जितना बड़ा प्रतीक्षालय और छह आधुनिक प्लेटफॉर्म होंगे। इन सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और अधिक ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी। श्री वैष्णव ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से वाराणसी के परिवहन बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार आएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर संपर्क और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली नई ‘वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस’ को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे