प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने वित्तीय प्रणाली से पारंपरिक वित्तीय गतिविधियों से आगे बढ़कर आर्थिक विकास को गति देने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया है।
13वें एसबीआई बैंकिंग एवं आर्थिक कॉन्क्लेव 2026 को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को केवल लेन-देन करने वाली संस्थाओं तक सीमित न रहकर विकासोन्मुख संस्थानों के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरेलू बचत को उत्पादक निवेश में परिवर्तित करने की आवश्यकता है और आर्थिक विकास की जिम्मेदारी केवल बैंकों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत के विकास के अगले चरण की तैयारी के लिए बैंकों और वित्तीय उपक्रमों को नए डिज़ाइन, नवाचार और नए विचारों को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बैंकिंग प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। यूपीआई, स्टार्टअप और नई वित्तीय व्यवस्थाओं ने वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार को गति दी है।