देश आज भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ मना रहा है। 8 अक्टूबर 1932 को इसका गठन किया गया था। इस महत्वपूर्ण अवसर ने वायु शक्ति के एक ऐसे दृष्टिकोण की शुरुआत की जिसने आने वाले दशकों के लिए देश की रक्षा प्रणाली को आकार दिया।
इस अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी वायु योद्धाओं, अनुभवी सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वायु सेना ने व्यावसायिकता, अनुशासन और तत्परता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए देश की अनुकरणीय सेवा की है। राष्ट्रपति ने इस बात कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने देश की सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने में भारतीय वायु योद्धाओं के साहस, सटीकता और परिचालन तत्परता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि वायु सेना ने आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान भी बहुमूल्य सहायता प्रदान की है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका यह समर्पण देश के लिए प्रेरणा और गौरव का स्रोत बना हुआ है।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि वायु सेना का शौर्य, व्यावसायिकता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा देश की संप्रभुता की रक्षा करना जारी रखे हुए है और राष्ट्र को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता और आपदा राहत में वायु सेना की भूमिका संकट के समय मानवता की सेवा के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसी बीच, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वायु सेना ने आसमान में अपनी ताकत और वीरता का प्रदर्शन किया है और लोगों के मन में सुरक्षा की भावना जगाई है। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकों, डेटा और ड्रोनों के शामिल होने से वायु सेना उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ वायु योद्धाओं के शौर्य और क्षमता का एक प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह वास्तविक जीवन के उन जांबाज नायकों की सेना है, जिनकी अदम्य वीरता, लेजर जैसी सटीक सूक्ष्मता और विनाशकारी मारक क्षमताओं की गवाही यह धरती और सुदूर अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रह भी देते हैं।
इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना साहस, वीरता, अनुशासन और व्यावसायिकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वायु योद्धाओं ने हमेशा देश की रक्षा की है और जब भी देश के सामने कोई संकट आया है, वे अटूट प्रतिबद्धता के साथ उस परिस्थिति का सामना करने के लिए आगे आए हैं। श्री सिंह ने कहा कि उनका समर्पण और सेवा न केवल भारत की सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प की भावना में भी अत्यधिक योगदान देती है।