72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फिल्म जगत को संबोधित करते हुए भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक शक्ति और विविधता का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की विविध भाषाओं, परंपराओं और सामाजिक अनुभवों को प्रतिबिंबित करने में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फिल्में न केवल दर्शकों का मनोरंजन करती हैं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को आपस में जोड़ती हैं। फिल्में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने में सहायक होती हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस बात पर जोर दिया कि सिनेमा भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सिनेमा विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रीय दृष्टिकोणों और सामूहिक राष्ट्रीय आकांक्षाओं को जोड़ने वाले सेतु का काम करता है। गुजरात के एकता नगर में आयोजित ऐतिहासिक 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने सभी पुरस्कार विजेता कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को बधाई दी। उन्होंने भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण रचनात्मक योगदान की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सिनेमा देश के साझा सपनों और सामाजिक यात्रा को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रचनात्मक उद्योग में अधिक समावेशिता और प्रतिनिधित्व का आह्वान करते हुए राष्ट्रपति ने फिल्म जूरी और निर्णय लेने वाले निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की वकालत की। राष्ट्रपति ने फिल्म निर्माण की रीढ़ माने जाने वाले पर्दे के पीछे के कर्मचारियों के लिए श्रम की गरिमा और उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के महत्व पर भी बल दिया।
प्रभावशाली फिल्म हस्तियों से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पहचानने का आग्रह करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देकर और हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करके युवाओं के लिए सकारात्मक आदर्श बनने की सलाह दी।
इस समारोह में फीचर, नॉन-फीचर और लेखन श्रेणियों में वर्ष 2024 की सिनेमाई उत्कृष्टता को सम्मानित किया गया।