पुर्तगाल और मॉरीशस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी का फिर समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 81वीं महासभा की चर्चा के दौरान दोनों देशों ने समर्थन किया। यह समर्थन वर्तमान क्षेत्रीय और राजनीतिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए सुरक्षा परिषद में सुधार की व्यापक मांगों के बीच मिला है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने सुरक्षा परिषद में अधिक प्रतिनिधियों का आह्वान किया, जिसमें भारत के लिए स्थायी सदस्यता भी शामिल है।
मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने कल अपने संबोधन में समर्थन की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि मॉरीशस वैश्विक मामलों में भारत की सकारात्मक भूमिका को मान्यता देते हुए स्थायी सीट के लिए उसकी उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराता है। वर्तमान में सुरक्षा परिषद में वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्य हैं – चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमरीका – इसके साथ ही दो साल के कार्यकाल के लिए 10 निर्वाचित सदस्य होते हैं। परिषद की संरचना में किसी भी बदलाव के लिए महासभा के दो-तिहाई बहुमत की स्वीकृति और सभी पांच स्थायी सदस्यों सहित संयुक्त राष्ट्र के दो-तिहाई सदस्य देशों का समर्थन आवश्यक है।