जुलाई 29, 2026 8:59 पूर्वाह्न

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पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा के लिए सचिवों के साथ बैठक की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल अपने आवास पर सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से संबंधित मंत्रालयों और विभागों की भावी कार्यसूची की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को गति देना था।
 
श्री मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम बनाने का आह्वान किया और अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और मिलकर परिणाम देने के लिए विभिन्न प्रकार की बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
 
प्रधानमंत्री ने नागरिक-केंद्रित शासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भारत की जनता प्रत्येक निर्णय और नीति के केंद्र में रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश कर रहा है, लेकिन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमताओं के निर्माण को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
 
श्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का मुददा राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से गहराई से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने नवाचार, एक ही स्रोत, उत्पाद, क्षेत्र या निवेश पर निर्भरता कम करने के लिए उसमें विविधता लाने और तेजी से क्षमता निर्माण के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान किया।
 
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना और उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता बरतना आवश्यक है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के अनुकूल परिवेश में युवा नवप्रवर्तकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि इसे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बदला जाना चाहिए।
 
श्री मोदी ने गलत सूचनाओं और निराधार आशंकाओं से निपटने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संचार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उभरते उद्योगों के लिए कार्यबल को कौशल से लैस करने के लिए उद्योग के साथ साझेदारी में नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को युवा शक्ति से परिपूर्ण, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए और नई चुनौतियों के अनुसार तेजी और नवाचार के साथ ढलना चाहिए।
 
बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इसमें कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।