पाकिस्तान के महिला अधिकार संगठन-औरत मार्च, ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। इनमें उनकी बहनें, भांजे-भांजियां और नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
औरत मार्च ने इसे असहमति की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। संगठन ने कहा कि इमरान खान के रिश्तेदारों को डराने-धमकाने और गिरफ्तार करने के साथ-साथ इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पी.टी.आई.) के समर्थकों को प्रदर्शन से रोकने की कोशिश असंवैधानिक और अमानवीय है।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में संगठन ने कहा कि पी.टी.आई के प्रस्तावित प्रदर्शन से कुछ दिन पहले हुई ये गिरफ्तारियां, पी.टी.आई और पाकिस्तान में विभिन्न रूपों में विरोध करने वाले संगठनों के खिलाफ लंबे समय से जारी कार्रवाई का हिस्सा हैं।
औरत मार्च ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ईमान ज़ैनब मजारी-हज़ीर और हादी अली चट्ठा की दोबारा गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। संगठन ने बलोच यकजैती समिति की नेताओं महरंग बलोच, गुलज़ादी बलोच और अन्य सदस्यों को उम्रकैद की सजा का भी उल्लेख किया।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी अधिकारियों से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के रिश्तेदारों, जिनमें उनकी तीन बहनें शामिल हैं, और उनकी पार्टी पीटीआई के कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की अपील की है। संगठन ने इन लोगों की हिरासत को मनमानी कार्रवाई बताया है।
संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई, राज्य के आधिकारिक रुख का विरोध करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है।