पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने आपातकाल लागू होने के बाद खैबर पख्तूनख्वा में चुनी हुई प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ- पीटीआई की सरकार थी। इस फ़ैसले को आज प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के मंत्रिमंडल की सिफ़ारिश पर मंज़ूरी दी गई।
राष्ट्रपति ज़रदारी ने प्रांत में संवैधानिक व्यवस्था के ठप होने का हवाला देते हुए आपातकाल के प्रावधान लागू किए। आपातकाल के तहत प्रांतीय प्रशासन को भंग कर दिया गया है और राज्यपाल जो केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं, अब सारी शक्तियां संभालेंगे। संघीय संसद भी प्रांतीय विधानसभा की शक्तियों का इस्तेमाल करेगी। मुख्यमंत्री, प्रांतीय मंत्री, सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पद छोड़ना होगा।
प्रांतीय सरकार को बर्खास्त करने का यह कदम पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक टकराव को और बढ़ायेगा।
राष्ट्रपति ने यह कदम खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल आफरीदी के नेतृत्व में जारी विरोध मार्च के बीच उठाया है। आफरीदी और इमरान खान के समर्थक इमरान की रिहाई और उन्हें इलाज की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं। यह मार्च इस महीने की शुरुआत में लक्की मरवत से शुरू हुआ था और प्रांत के कई ज़िलों से गुज़रा है। क्रिकेटर से राजनेता बने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख तेहतर वर्षीय इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और उन पर भ्रष्टाचार और आतंकवाद से जुड़े आरोपों सहित कई मामले चल रहे हैं।
अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। खान ने आरोप लगाया था कि देश की शक्तिशाली सेना ने अमरीका के इशारे पर उन्हें सत्ता से हटाया। उनके बाद शहबाज़ शरीफ़ सत्ता में आए, जिनकी पार्टी 2024 के आम चुनाव के बाद सत्ता में आई थी। खान के समर्थकों ने चुनाव की काफ़ी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि चुनाव में धांधली हुई थी।