सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर में आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने के निर्देश के खिलाफ दायर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करने पर सहमति व्यक्त की है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने प्राधिकरण को आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया था, जबकि यह जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और प्रशासन की है।
सॉलिसिटर जनरल ने प्राधिकरण की याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की विशेष पीठ के पुनर्गठन का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधान न्यायाधीश के विशेष निर्देश के बिना विशेष पीठ का गठन नहीं किया जा सकता।
यह घटनाक्रम लावारिस कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन के उपायों तथा विभिन्न सरकारी प्राधिकारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया।