नेपाल में करीब चार हफ्ते पहले अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। इस आपदा में अब तक 1,400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 6 हजार लोग अब भी लापता हैं।
रसुवा और उसके आसपास के जिलों में नदियों के तटीय इलाकों, मलबे के ढेरों और क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। नेपाल की सेना के एक फील्ड कमांडर के अनुसार प्रभावित सुरंगों से भारी मात्रा में मलबा हटाने में अभी 3-4 महीने का समय लग सकता है।
इस प्राकृतिक आपदा ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने नुवाकोट और धाडिंग के गांवों को जोड़ने वाले कई पुलों को तहस-नहस कर दिया था। अब सरकार ने त्रिशूली कॉरिडोर के साथ बने सस्पेंशन ब्रिजों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट से शुरू हुई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस आपदा का असर सीमा पार चीन में भी देखा गया है।
चीन के मीडिया के अनुसार सीमा के उस पार चीन के इलाके में 43 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।