संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यमन में जारी संघर्ष और असुरक्षा के कारण मानवीय संकट और गहरा गया है। देश में पहली अगस्त से अब तक 1 लाख 84 हजार से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओ.सी.एच.ए.) के अनुसार एक लाख 26 हजार से अधिक लोगों को जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
ओ.सी.एच.ए. ने कहा कि ताइज़ को होदेदा, अदन और सना से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें अब भी बंद हैं। इससे नागरिकों की आवाजाही, वाणिज्यिक आपूर्ति और मानवीय सहायता पहुंचाने में बाधा आ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा सामग्री की कमी तथा खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की जानकारी दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि धन की भारी कमी, बढ़ते विस्थापन और बीमारी से यमन की कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पिछले कुछ सप्ताह में हैजा के मामले तीन गुना हो गए हैं। ओ.सी.एच.ए. ने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरतमंद लोगों तक सुरक्षित तथा त्वरित मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील की है।