जुलाई 5, 2026 7:53 अपराह्न

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सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षण परिसर बनाने के लिए ‘मिशन कायाकल्प’ शुरू किया: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक और प्रेरणादायक शिक्षण परिसर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ‘मिशन कायाकल्प’ की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न जिलों में चयनित सरकारी स्कूलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मिशन कायाकल्प को जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत सहयोग देने वाली संस्थाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों, मार्केट एसोसिएशनों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि सरकारी संसाधनों के साथ-साथ समाज की भागीदारी से स्कूलों में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी का एक प्रभावी उदाहरण है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मिशन कायाकल्प के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों में तेजी से बदलाव दिखाई देने लगे हैं।

दक्षिण जिले के रामानुजन सर्वोदय कन्या विद्यालय- महरौली में लगभग 48 लाख रुपये और सर्वोदय को-एड सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में करीब 98 लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। वहीं, पश्चिम जिले के मोहन गार्डन के सरकारी विद्यालयों में लगभग 77 लाख रुपये की लागत से व्यापक आधारभूत ढांचा सुधार कार्य और जनकपुरी में स्थित जीएसकेवी में लगभग 38 लाख रुपये की लागत से आधारभूत मजबूती को बल दिया जा रहा है।

उत्तर-पूर्व जिले के गोकलपुर स्थित सरकारी स्कूल में लगभग 6 लाख रुपये से अधिक और शाहदरा के मणि बेन पटेल भारतीय महिला सर्वोदय विद्यालय में करीब तीन लाख रुपये की लागत से बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। इसके अलावा, आउटर नॉर्थ जिले के सावदा घेवरा कम्युनिटी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में करीब 8 लाख रुपये की लागत से कई काम किए गए हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कायाकल्प केवल रंग-रोगन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों के समग्र रूपांतरण का अभियान है। इसके अंतर्गत स्कूल भवनों की मरम्मत, दीवारों की पेंटिंग और वाइटवॉश, जर्जर शौचालयों का नवीनीकरण, स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ प्लांट और वॉटर कूलर की स्थापना की जा रही है।