सितम्बर 22, 2026 5:35 अपराह्न

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने ओपेक के महासचिव हैथम अल ग़ैस के साथ की बैठक

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज कहा कि आने वाले दशकों में भारत वैश्विक ऊर्जा मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। श्री पुरी ने नई दिल्ली में ओपेक के महासचिव हैथम अल ग़ैस के साथ ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में तेल बाजार की स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और तेल उद्योग में पर्याप्त और समय पर निवेश के महत्व पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक दृष्टिकोणों की समीक्षा की और वैश्विक आर्थिक विस्तार और ऊर्जा मांग में वृद्धि में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
 
बैठक के दौरान, श्री पुरी ने कहा कि भारत और ओपेक के बीच स्वाभाविक रूप से पूरक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत ओपेक और उसके सदस्य देशों के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव को महत्व देता है, जिसने प्रमुख ऊर्जा मुद्दों पर आपसी समझ और सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। श्री पुरी ने कहा कि वैश्विक विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देने, ऊर्जा लचीलापन को मजबूत करने और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्‍होंने ओपेक और भारत से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए संतुलित, स्थिर और पूर्वानुमान योग्य वैश्विक ऊर्जा बाजार को आगे बढ़ाने हेतु मिलकर काम करने का आह्वान किया।
 
अपने संबोधन में, ओपेक महासचिव ने कहा कि भारत के साथ संवाद ओपेक की प्राथमिकता है। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दशकों में यह और भी बढ़ेगा। उन्होंने ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के संतुलित, यथार्थवादी और व्यावहारिक दृष्टिकोण की भी सराहना की और कहा कि भारत की कई ऊर्जा प्राथमिकताएं ओपेक की भी प्राथमिकताएं हैं।