मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने आज जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शिलांग में राज्य स्तरीय लिविंग हेरिटेज आर्ट्स एंड क्राफ्ट विलेज फेस्टिवल का उद्घाटन किया। दो दिन तक चलने वाला यह उत्सव यू सोसो थाम ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और जनजातीय ज्ञान को बढ़ावा देना और संरक्षित करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने के लिए 11 कला और शिल्प गांवों की पहचान की है। इन गांवों को सम्मान स्वरूप प्रतीक चिह्न भी भेंट किए गए। उत्सव में पारंपरिक वस्त्रों, मिट्टी के बर्तनों, बांस के शिल्प, संगीत, स्थानीय व्यंजनों और अन्य जनजातीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के अंतर्गत नवीनीकृत राज्य केंद्रीय पुस्तकालय और मेघालय के पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने वाले हाउस ऑफ रिंडिया का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर कला और हस्तशिल्प, लिविंग रूट ब्रिज तथा जयंतियापुर की सिक्का प्रणाली सहित पांच पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।