ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक आज लखनऊ में संपन्न हुई। इस अवसर पर संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया। ब्रिक्स सदस्य देशों में सांख्यिकी ढाँचों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अधिक सशक्त, पारदर्शी और नीति-प्रासंगिक आधिकारिक सांख्यिकी के लिए आधार तैयार करता है।
बैठक के दूसरे दिन, भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और इंडोनेशिया के बीपीएस-सांख्यिकी विभाग ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान आधिकारिक सांख्यिकी, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी एवं पद्धतिगत उन्नति, मानव संसाधन विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेटाडेटा मानकीकरण एवं खुले डेटा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक ढाँचा प्रदान करता है।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में ब्रिक्स के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, विचारकों, नागरिक समाज संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों सहित 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। भारत ने इस दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता की। इसका विषय था “परिवर्तन के चालक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी”।
दूसरे दिन, ‘संभावित ब्रिक्स सहयोग के लिए साझा नवाचार क्षेत्रों की पहचान’ विषय पर आयोजित मुख्य तकनीकी के तीसरे सत्र में आधुनिक सर्वेक्षण पद्धतियों और डिजिटल डेटा संग्रह के विषय पर दो प्रस्तुतियाँ दी गईं। तकनीकी के चौथे सत्र में व्यापक आर्थिक और क्षेत्रीय सांख्यिकी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों द्वारा अपनाई गई प्रमुख रणनीतियों और प्रगति को उजागर किया गया।