मणिपुर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा है कि वह राज्य भर में खाद्यान्नों के पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह वितरण को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को लागू कर रहा है। आज इम्फाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विभाग के निदेशक ने कहा कि सभी 2532 उचित मूल्य की दुकानों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और खाद्यान्न वितरण की वास्तविक समय निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
निदेशक ने कहा कि एसएएससीआई परियोजना के तहत चार मीट्रिक टन प्रति घंटे की चावल मिल का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। इस परियोजना से विकेंद्रीकृत धान खरीद को मजबूती मिलने, स्थानीय किसानों को बेहतर प्रतिफल मिलने और राज्य के बाहर से मंगाए जाने वाले चावल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
निदेशक ने यह भी कहा कि राज्य स्तरीय मूल्य निगरानी समिति मूल्य स्थिरता बनाए रखने और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए अठारह आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों की नियमित रूप से निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, उपभोक्ता संरक्षण में सुधार करने और प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग के माध्यम से पारदर्शी और कुशल सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।