महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर बंद पड़ी पेयजल आपूर्ति योजनाओं को बहाल करें। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में टैंकरों का उपयोग अंतिम उपाय के रूप में किया जाना चाहिए। मुंबई में आज राज्य की सूखा राहत उपसमिति की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने जल और चारा प्रबंधन के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया – एसओपी बनाने का आह्वान किया। राज्य पर जल आपूर्ति योजनाओं से संबंधित लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का बकाया है। जुर्माने और ब्याज माफ करने तथा मूलधन का भुगतान किस्तों में करने की अनुमति देने के एकमुश्त निपटान प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
चारे की कमी को दूर करने के लिए जिला कलेक्टरों को चारा बैंक स्थापित करने और अधिशेष जिलों से पड़ोसी कमीग्रस्त क्षेत्रों में आपूर्ति की सुविधा प्रदान करने के लिए कहा गया है। सरकार 62 करोड़ रुपये के चारे के बीज उपलब्ध कराएगी और समर्थन मूल्य पर चारा खरीदेगी।
305 तालुकों में लगभग 70 प्रतिशत फसल क्षति आकलन पूरा हो चुका है, शेष आंकड़े 31 अक्टूबर तक प्राप्त होने की उम्मीद है।