अगस्त 11, 2026 4:50 अपराह्न

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लोकसभा ने पारित किया केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026

लोकसभा ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इस विधेयक के तहत संविधान की प्रथम अनुसूची में केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रावधान है। इस संबंध में केरल विधानसभा ने जून 2024 में एक प्रस्ताव पारित किया था।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पर बोलते हुए कहा कि केरल विधानसभा ने 2024 में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि यह अनुरोध इसलिए किया गया था क्योंकि मलयालम में राज्य का नाम केरलम है, जबकि संविधान में इसे केरल लिखा गया है। उन्‍होंने केरल के कांग्रेस सांसदों पर विधेयक का समर्थन न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसे केरल से केरलम नाम बदलने पर कोई आपत्ति है।

लोकसभा ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित कर दिया है। सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में और संशोधन करना है। यह विधेयक निगम को औद्योगिक वस्तुओं के क्षेत्र में अपनी गतिविधियाँ संचालित करने की अनुमति देता है। यह विधेयक राज्य सरकारों को सहकारी विकास में लगी किसी भी संस्था को निगम से निधि प्रदान करने की भी अनुमति देता है। निगम किसी भी सहकारी समिति या सहकारी विकास में लगी संस्था को सीधे ऋण और अनुदान भी प्रदान कर सकता है।

श्री  मुरलीधर मोहोल ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम  की स्थापना देश में सहकारी क्षेत्र के संगठित और सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में, इस निगम की गतिविधियाँ मुख्य रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण और संबंधित सेवाओं तक ही सीमित थीं। हालाँकि, वर्षों से, इसकी भूमिका का विस्तार हुआ है और इसमें प्रसंस्करण, विपणन, भंडारण, निर्यात और आयात से संबंधित योजनाओं का नियोजन और कार्यान्वयन भी शामिल है।

श्री  मुरलीधर मोहोल ने कहा कि हाल के वर्षों में, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम  राज्य सरकार की एजेंसियों और अन्य संस्थानों के सहयोग से बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहकारी विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए। कार्यवाही पूरी होने के बाद, लोकसभा को कल सवेरे 11:00 बजे स्‍थगित कर दिया गया।