अक्टूबर 10, 2026 9:46 अपराह्न

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बच्चों के लिए विशेष बचाव वकीलों का दल गठित करें कानूनी सेवा संस्थान: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत

भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कानूनी सेवा संस्थानों से आग्रह किया है कि वे बच्चों के लिए बचाव पक्ष के विशेष वकीलों का समर्पित दल गठित करें। इस दल को पुलिस स्टेशन में गिरफ्तारी से लेकर अंतिम आदेश और पुनर्वास तक निरंतर बच्‍चों का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह बात नई दिल्ली में किशोर न्याय बाल देखभाल और संरक्षण अधिनियम, 2015 के दस वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक हितधारक परामर्श का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिनियम का दृष्टिकोण दंडात्मक के बजाय सबल बनाने पर होना चाहिए और संस्थागत कारावास को अंतिम उपाय के रूप में ही माना जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कई किशोर न्याय बोर्डों में अब भी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण- एनएएलएसए की बाल-हितैषी कानूनी सेवा योजना, 2024 के अंतर्गत कानूनी सहायता क्लीनिकों की कमी है। उन्होंने व्यापक सामाजिक जांच रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए परिवीक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता पर भी बल दिया।