नवम्बर 2, 2026 4:46 अपराह्न

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विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 पर जेपीसी की बैठक, संबंधित पक्षों के साथ हुई चर्चा

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 की जांच कर रही संयुक्‍त संसदीय समिति (जेपीसी) ने आज शिलांग में बैठक की। इस बैठक में विभिन्‍न धार्मिक संगठनों, एनजीओ और अन्‍य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई।

बैठक की अध्‍यक्षता जेपीसी के चेयरमैन डॉ. संजय जायसवाल ने की। उन्‍होंने कहा कि नई दिल्‍ली से बाहर समिति की यह पहली बैठक थी। उन्‍होंने कहा कि यह बैठक‍ मुख्‍यमंत्री कॉनरैड के. संगमा के आग्रह पर आयोजित की गई ताकि समिति मेघालय में विदेशी अंशदान प्राप्‍त करने वाले संगठनों की चिंताए समझ सके। 

श्री जायसवाल ने कहा कि इस बैठक में मेघालय और असम, नागालैंड तथा मणिपुर सहित पूर्वोत्‍तर के अन्‍य राज्‍यों के लगभग 40 संगठन शामिल हुए। उन्‍होंने बैठक में परामर्श किया और सुझाव सौंपे। श्री जायसवाल ने कहा कि समिति ने सभी प्रतिनिधियों की बातें सुनी और कई संगठनों से और स्‍पष्‍टीकरण मांगा। इन संगठनों को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। समिति इन सुझावों का विचार करेगी।

श्री जायसवाल ने कहा कि समिति कोच्चि और चेन्‍नई में भी उन संगठनों से विचार-विमर्श करेगी जो विदेशी चंदा प्राप्‍त कर रहे हैं और समझते हैं कि संशोधन से उन्‍हें व्‍यवहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

श्री जायसवाल ने कहा कि प्रस्‍तावित संशोधन का उद्देश्‍य समाज कल्‍याण गतिविधियों से जुड़े संगठनों को सुविधा उपलब्‍ध कराना और राष्‍ट्रीय सुरक्षा तथा राष्‍ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से निपटने के लिए कडे सुरक्षा उपाय करना है।

श्री जायसवाल ने कहा कि देश में धार्मिक संगठन केवल छह प्रतिशत विदेशी चंदा ही प्राप्‍त करते हैं। शेष 94 प्रतिशत विदेशी चंदा एनजीओ और अन्‍य संगठन प्राप्‍त करते हैं। उन्‍होंने कहा कि समिति प्रस्‍तावित संशोधनों की जांच करते समय व्‍यापक दृष्टिकोण अपनाएगी।

श्री जायसवाल ने कहा कि समिति पंजीकरण संबंधी आवश्‍यकताओं के बारे में दिव्‍यांगजनों के लिए कार्य कर रहे समूहों सहित छोटे संगठनों की परेशानी समझती है और उनके सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।

धार्मिक संस्‍थाओं की चिंताओं के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि प्रस्‍तावित संशोधनों में बिना किसी हस्‍तक्षेप के मंदिरों, गिरिजाघरों और मस्जिदों के लिए स्‍पष्‍ट प्रावधान किए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि समिति सभी सं‍बंधित पक्षों से परामर्श कर रही है और सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम शिफारिश प्रस्‍तुत करेगी।