सरकार ने कहा है कि देश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मछुआरों की आजीविका में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना -पी.एम.एम.एस.वाई. के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के लिए एक अरब 54 करोड़ 57 लाख रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
लोकसभा में कल मुहम्मद हमदुल्ला सईद के एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि मत्स्य पालन विभाग ने पी.एम.एम.एस.वाई. के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेशों में एक हजार बत्तीस करोड़ 66 लाख रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें केंद्र सरकार के हिस्से के रूप में 844 करोड़ 37 लाख रुपये शामिल हैं। श्री रंजन सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए 154 करोड़ 57 लाख रुपये की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इसमें केंद्र सरकार के 81 करोड़ 43 लाख रुपये शामिल हैं। अब तक 79 करोड़ 61 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिसमें 63 करोड़ 44 लाख रुपये का उपयोग किया जा चुका है।
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के लिए स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं में 751 ट्राउट रेसवे, पांच ट्राउट हैचरी, पांच मछली चारा मिलें, 70 मछली कियोस्क, 66 जीवित मछली बिक्री केंद्र, आइस बॉक्स युक्त 211 तिपहिया वाहन, 21 वातानुकूलित वाहन, 64 बायोफ्लॉक इकाइयां, आठ रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम इकाइयां, 18 मूल्यवर्धित उद्यम और 88 हजार 225 मछुआरों के लिए आजीविका और पोषण संबंधी सहायता शामिल हैं। सरकार ने अनंतनाग जिले में एक कोल्ड वाटर फिशरीज क्लस्टर लगाने को भी मंजूरी दी है।