जापान की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी-जेसीआर ने भारत की विदेशी मुद्रा और स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग को एक पायदान ऊपर बढ़ाकर ट्रिपल बी प्लस से ए- कर दिया है।
यह रेटिंग किसी देश की सरकार की ऋण चुकाने की क्षमता और वित्तीय साख का स्वतंत्र मूल्यांकन करती है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, मजबूत विकास आधार बनाने में आर्थिक नीतियों की प्रभावशीलता और वित्तीय प्रणाली की बेहतर सुदृढ़ता दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि यह उन्नयन चुनौतीपूर्ण वैश्विक वातावरण में हुआ है और निरंतर विकास, प्रभावी आर्थिक नीतियों, बेहतर राजकोषीय प्रबन्धन तथा मजबूत वित्तीय प्रणाली द्वारा समर्थित भारत के आर्थिक बुनियादी ढांचे को का परिचायक है।
जेसीआर ने एक बयान में,कहा कि मजबूत निजी उपभोग और सार्वजनिक निवेश से समर्थित भारतीय अर्थव्यवस्था ने उच्च विकास दर बनायी रखी है। उसने भारत सरकार के डिजिटल सार्वजनिक ढ़ांचे और माल और सेवा कर के कार्यान्वयन का भी उल्लेख किया है। जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि केंद्रीय राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025 में 4.07 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 4 .04 प्रतिशत पर आ गया है।