जम्मू-कश्मीर में आज उनासीवां परिग्रहण दिवस मनाया जा रहा है। वर्ष 1947 में आज ही के दिन तत्कालीन रियासत के शासक महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के भारत में शामिल होने का औपचारिक रास्ता साफ हुआ। यह परिग्रहण 27 अक्टूबर 1947 से प्रभावी हुआ था।
यह ऐतिहासिक घटना भारत के विभाजन के बाद उस समय हुई, जब पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र पर हमले का खतरा था। पाकिस्तान से आए कबायली हमलावरों के रियासत पर हमले से उसकी संप्रभुता को खतरा पैदा हो गया था।
परिग्रहण दिवस को भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के औपचारिक एकीकरण के प्रतीक और एकता तथा देशभक्ति के अवसर के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर आज जम्मू-कश्मीर में सभी सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे हालांकि, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली, पानी तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।