मई 25, 2026 2:16 अपराह्न

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एजेंसियों ने पहले के पेपर लीक मामलों से अब तक कोई सबक नहीं सीखा: सर्वोच्‍च न्‍यायालय

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने नीट परीक्षा में बार-बार हो रही चूक पर चिंता जताते हुए कहा कि यह दुख की बात है कि राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले पेपर लीक विवाद से कोई सबक नहीं सीखा है।

न्‍यायाधीश पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार, राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी-एनटीए और केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरों से उन याचिकाओं पर जवाब मांगा है, जिनमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए जांच एजेंसी की जगह किसी ज़्यादा मज़बूत और स्वायत्त संस्था को लाने की मांग की गई है। न्‍यायालय ने एजेंसी को बृहस्‍पतिवार तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें पूछा गया है कि पिछले साल एजेंसी के कामकाज में सुधार के लिए पूर्व इसरों प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की गई सिफारिशों का कितना पालन किया है।

याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि बार-बार पेपर लीक होने से 22 लाख से ज़्यादा छात्रों के अधिकारों पर असर पड़ा है। याचिका में भविष्य की परीक्षाओं की निगरानी के लिए सर्वोच्‍च न्‍यायालय के किसी सेवानिवृत न्‍यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति बनाने की भी मांग की गई है। इस महीने की तीन तारीख को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा, पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी।