ईरान ने अपने विमानन क्षेत्र पर अमरीका के प्रतिबंधों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की विमानन निगरानी संस्था-अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन- आईसीएओ में औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। ईरान का उद्देश्य निलंबित उड़ान मार्गों को फिर से शुरू करना है। ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रमुख अबुजर शिरौदी ने सरकारी मीडिया को बताया कि विदेश मंत्रालय के समन्वय से दर्ज कराए गए विरोध में प्रतिबंधों के कारण उड़ानों में आए व्यवधान से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान सभी उपलब्ध कानूनी मार्गो का इस्तेमाल करके पहले से चालू उड़ान मार्गों को फिर से शुरू करने का प्रयास कर रहा है। यूरोप के लिए सीधी उड़ानों पर प्रतिबंध लगने के बाद से, ईरान यात्रियों के लिए एक विकल्प के रूप में इस्तांबुल सहित क्षेत्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से कनेक्टिंग सेवाओं पर निर्भर रहा है।
ईरान ने हवाई अड्डों, विमानों और रडार प्रणालियों पर हमलों को लेकर हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भी मामला दायर किया है। श्री शिरौदी ने कहा कि आईसीएओ ने ईरान के पक्ष में फैसला दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला अभी विचाराधीन है।
यह कदम अमरीका द्वारा इस महीने की 8 तारीख को ईरान के विमानन क्षेत्र से जुड़े 36 ठिकानों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उठाया गया है। इनमें 27 ईरानी एयरलाइंस शामिल हैं। अमरीका ने कहा था कि ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के अंतर्गत लगाए गए इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान द्वारा हथियारों, कर्मियों और अवैध सामान की आवाजाही के लिए विमानन क्षेत्र के इस्तेमाल को रोकना है।
ईरान ने कहा है कि वह उड़ान सेवाएं बहाल करने और अपने विमानन क्षेत्र को प्रभावित करने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कूटनीतिक और कानूनी प्रयास जारी रखेगा।