भारतीय नौसेना के निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट-आईएनएस त्रिशूल ने अपनी तैनाती के हिस्से के तौर पर 14 से 17 सितंबर तक मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह का दौरा किया। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पहुँचने पर मिस्र के नौसैनिक जहाज ‘अल कदीर’ ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उसे एस्कॉर्ट किया।
आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर और चालक दल ने ‘चैटबी युद्ध स्मारक पर दो विश्व युद्धों के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस युद्ध स्मारक में 12 लोगों की समाधियाँ हैं और यहाँ उन 19 भारतीय सैनिकों के नाम लिखे हैं जो पूर्वी भूमध्य सागर में डूबे जहाजों में मारे गए थे।
मिस्र में भारत के राजदूत सुरेश रेड्डी ने आईएनएस त्रिशूल का दौरा किया और जहाज के चालक दल के सदस्यों से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना की मौजूदगी के महत्व पर ज़ोर दिया।
आईएनएस त्रिशूल ने मिस्र की नौसेना के जहाज ईएनएस बर्नीस के साथ समुद्री अभ्यास में हिस्सा लिया। इस अभ्यास में तालमेल बिठाकर जहाज चलाने का अभ्यास, संचार अभ्यास और समुद्र में ईंधन भरने की प्रक्रियाएँ शामिल थीं। इससे दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को अपनी पेशेवर जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने का अवसर मिला।