भारतीय नौसेना के स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरि को आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसैनिक बेड़े में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने नौसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार समुद्री मार्गों से होता है, इसलिए समुद्री सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आईएनएस महेंद्रगिरि भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का प्रतीक है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह आधुनिक युद्धपोत अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस है और हर प्रकार के समुद्री अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम है।