भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत के कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार का कुल मूल्य 61 लाख 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अब देश की अधिक घरेलू कंपनियां पारंपरिक बैंक ऋणों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय पूंजी बाजार से सीधे धन जुटा रही हैं। रिपोर्ट में नए जारी किए गए कॉर्पोरेट बॉन्ड की क्रेडिट रेटिंग प्रोफाइल में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। शीर्ष रेटिंग वाले ट्रिपल-ए बॉन्ड की हिस्सेदारी घटकर 66 प्रतिशत रह गई है, जबकि कम रेटिंग वाले बॉन्ड की मात्रा में वृद्धि हुई है।
बड़े संस्थागत निवेशक अधिक रिटर्न प्राप्त करने के उद्देश्य से इन बॉन्ड में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। विशेष रूप से, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों-एन बी एफ सी द्वारा जारी किए गए बॉन्ड में उनकी रुचि बढ़ रही है।
इस बीच, अगले महीने की पहली तारीख से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान डिफॉल्ट विकल्प बन जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य व्यक्तिगत निवेशकों को कम व्यय अनुपात वाले म्यूचुअल फंड तक पहुंचने में मदद करना है। हाल के आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि उच्च जोखिम वाले इक्विटी डेरिवेटिव कारोबार में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी की गति धीमी हो रही है।