भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद मजबूत बना रहा है। वित्त मंत्रालय की मई-2026 में मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार सुविधाजनक स्थिति में है। मंत्रालय ने कहा है कि वैश्विक परिवेश कच्चे तेल के दाम बढने, वित्तीय स्थिति सख्त होने और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर कमजोर पडने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पडा है।
इस वर्ष मार्च में कोर औद्योगिक सूचकांक मामूली रूप से शून्य दशमलव चार प्रतिशत गिर गया जबकि बुनियादी ढांचा और विनिर्माण गतिविधि क्षेत्र ने अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखा। खुदरा मुद्रास्फीति इस वर्ष मार्च में तीन दशमलव चार प्रतिशत पर नियंत्रित रही। अर्थव्यवस्था में तरलता अतिरिक्त रही और बैंक उधारी की विकास दर भी स्थिर रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत से अधिक बढी।