अक्टूबर 5, 2026 2:22 अपराह्न

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भारत और स्विट्जरलैंड ने परिवहन प्रौद्योगिकी, मोबिलिटी सिस्टम और बुनियादी ढांचे में सहयोग के लिए समझौते किए

भारत और स्विट्जरलैंड ने आज परिवहन प्रौद्योगिकियों, गतिशीलता प्रणालियों और अवसंरचना के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन के बीच एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा ज्यूरिख एप्लाइड साइंसेज विश्वविद्यालय के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग के लिए कार्यान्वयन किया गया। ये समझौते नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति गी पाह्मलां के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद हुए।
 
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति राष्ट्रपति गी पाह्मलां की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले अक्टूबर में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ-ईएफटीए के देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते को लागू किया। श्री मोदी ने बताया कि यह समझौता किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है। उन्होंने इसे निवेश, नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि के लिए महत्वाकांक्षी ढांचा बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते के अंतर्गत, भारत का लक्ष्य अगले 15 वर्ष में 100 अरब अमरीकी डॉलर का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने स्विट्जरलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को और सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इससे स्विट्जरलैंड को भारतीय कृषि उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात बढ़ेगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्विटजरलैंड के निवेश को आकर्षित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से, दोनों देश मिलकर विश्व के लिए विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला और भरोसेमंद समाधान विकसित करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आज सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की है। श्री मोदी ने कहा कि वे परमाणु ऊर्जा में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमत हुए हैं।
 
राष्ट्रपति पाह्मलां आज सुबह वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पाह्मलां का स्वागत किया। उन्हें तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
 
औपचारिक स्वागत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री पाह्मलां ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की साझेदारी के महत्व को दर्शाने का उत्कृष्ट अवसर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। राष्ट्रपति पाह्मलां ने कहा कि उनकी यात्रा घनिष्ठ, व्यापक और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने तथा और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी आज राष्ट्रपति पाह्मलां से मुलाकात की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, डॉ. जयशंकर ने भारत-ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौता-टीईपीए सहित भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को और मजबूत करने के राष्ट्रपति पाह्मलां के विचारों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ श्री पाह्मलां की मुलाकात से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा।
 
अतिथियों ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि भी अर्पित की। 
 
राष्ट्रपति पाह्मलां आज शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु श्री पाह्मलां के सम्मान में एक आधिकारिक भोज का भी आयोजन करेंगी।