भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। नई दिल्ली में आज शाम संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि एक संप्रभु पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की आक्रामकता क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के विरुद्ध है। उन्होंने अफगानिस्तान, उसकी स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और वहां के लोगों के कल्याण और खुशहाली के लिए नई दिल्ली के अटूट समर्थन की पुष्टि की। प्रवक्ता ने हवाई हमलों में मारे गए नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान के सशस्त्र बल आतंकवाद को हराने के लिए संकल्पित हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को कार्रवाई और दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया को उनकी बातों पर विश्वास दिलाने से पहले इस्लामाबाद को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी।
सिंधु जल संधि पर मध्यस्थता न्यायालय के पाकिस्तानी फैसले पर श्री जायसवाल ने कहा कि तथाकथित फैसला स्थायी मध्यस्थता न्यायालय का फैसला नहीं है, जैसा कि पाकिस्तान इसे पेश करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि एक अवैध रूप से गठित न्यायालय का फैसला है। उन्होंने कहा कि भारत इसे पाकिस्तान द्वारा वास्तविकता को विकृत करने का एक और प्रयास मानता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और अपने दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए झूठ फैलाने की आदत है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कल यूक्रेन के विदेश मंत्री से मुलाकात की। इस बैठक में, डॉ. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने एक बार फिर भारत का यह दृष्टिकोण प्रस्तुत किया कि संवाद और कूटनीति ही शांतिपूर्ण समाधान का एकमात्र रास्ता है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत दोनों पक्षों के संपर्क में है और उन्हें बता चुका है कि भारत हर संभव तरीके से योगदान देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान होने की आशा करता है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर श्री जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और प्रगतिशील संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सुनियोजित व्यवस्थाओं के अंतर्गत चर्चा करने के लिए तैयार है।