नवम्बर 2, 2026 2:14 अपराह्न

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भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कॉर्वेट युद्धपोत खरीदेगा रक्षा मंत्रालय, 53,800 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के आठ कॉर्वेट युद्धपोतों की खरीद के लिए गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ 53 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में आज रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में इन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अन्‍तर्गत गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड पांच युद्धपोतों का निर्माण करेगा, जबकि गोवा शिपयार्ड लिमिटेड बाकी तीन युद्धपोत बनाएगा।
 
मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि पहली बार भारतीय नौसेना इन युद्धपोतों का डिजाइन तैयार करेगी और चुने गए रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम इनका निर्माण करेंगे। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इन युद्धपोतों में उन्नत मिसाइलें, हथियार और सेंसर प्रणाली लगी होंगी। 
 
मंत्रालय के अनुसार इन युद्धपोतों के नौसेना में शामिल होने से समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों से मुकाबला करने, तटीय सुरक्षा मजबूत करने और समुद्री निगरानी  में नौसेना की क्षमता बढ़ेगी।
 
इस परियोजना से देश में स्वदेशी पोत निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से अगले दस वर्षों में शिपयार्ड में लगभग 72 लाख और सहायक उद्योगों तथा एमएसएमई में 460 लाख श्रम-दिवस  रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में इन अनुबंधों की सराहना करते हुए इसे भारत के स्वदेशी पोत निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।