भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। साथ ही, अफगानिस्तान के लोगों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है। भारत ने यह बात रूस की मेजबानी में मॉस्को में आयोजित अफगानिस्तान पर आठवें मॉस्को फॉर्मेट परामर्श में कही।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार और संयुक्त सचिव डॉ. एम. सुरेश कुमार ने किया। बैठक में रूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने किया। बेलारूस और मिस्र ने अतिथि के रूप में भाग लिया।
रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रतिभागियों ने काबुल के साथ समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर सहयोग बढ़ाने तथा अफगानिस्तान को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने की दिशा में समर्थन देने की जरूरत दोहराई।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यह मंच उन देशों को एक साथ जोड़ता है, जो अफगानिस्तान के साथ समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी की उम्मीद करते हैं। मॉस्को फॉर्मेट की स्थापना वर्ष 2017 में अफगानिस्तान में राष्ट्रीय सुलह और शांति को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।