सितम्बर 24, 2026 9:05 अपराह्न

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भारत ने मजबूत व्यापार साझेदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत ने मजबूत व्यापार साझेदारी को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय व्यापार समझौतों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बनाने के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता पर बल दिया। वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों की बैठक और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्रियों के परामर्श में भाग लिया। इस दौरान आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की चल रही समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका उद्देश्य व्यापार प्रवाह को सुगम बनाना और मौजूदा व्यापार विषमताओं को दूर करना है।

बैठक में कंबोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम सहित सभी 11 आसियान देशों के आर्थिक मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। आसियान सचिवालय ने 2027 के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण पर एक संक्षिप्त जानकारी दी। इसमें व्यापार और निवेश प्रवाह पर अपेक्षित प्रभाव भी शामिल थे।

बैठक के दौरान, भारत ने इस बात पर बल दिया कि समीक्षा का परिणाम पारस्परिक रूप से लाभकारी हो और समझौता संतुलित, अधिक प्रभावी, उपयोगकर्ता के अनुकूल और व्यवसायों के लिए व्यापार सुगम बनाने वाला हो।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में लगभग 128 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मंत्रालय ने कहा कि भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान का योगदान 10 दशमलव पांच-पांच प्रतिशत है, जो इस साझेदारी के महत्व को रेखांकित करता है।

इस दौरान, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपींस में कार्यरत भारतीय व्यवसायियों के साथ बातचीत की और निर्यात में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितम्‍बर को आयोजित आसियान-भारत व्यापार मंच 2026 में भी भाग लिया।