संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीक बनाने वाला देश बनना चाहता है। नई दिल्ली में कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने काम करने, लेन-देन और फैसले लेने के तरीकों को बदल दिया है। न्होंने कहा कि भारत के पास भविष्य की तकनीक को दिशा देने का बड़ा मौका है। श्री सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम नेटवर्क आज डिजिटल हाईवे बन चुका है और डेटा एआई अर्थव्यवस्था का ईंधन है।
उन्होंने इसे कनेक्टिविटी, कंप्यूट और भरोसे की नई डिजिटल त्रिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 5G के एक अरब ग्राहकों तक पहुंचना है। अभी देश में करीब 50 करोड़ 5G ग्राहक हैं। मंत्री ने बताया कि यूपीआई से आज 740 बैंक जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए करीब 21,500 करोड़ लेन-देन हुए।