भारत ने आज लिंडसे ओ. ग्राहम के ‘रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम‘ को लेकर अपने हितों और चिंताओं को एक बार फिर दोहराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की और इस अधिनियम को लेकर भारत की चिंताएं स्पष्ट की। दोनों नेताओं ने भारत-अमरीका द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ खाड़ी देशों और यूक्रेन के हालात पर भी व्यापक चर्चा की।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते ‘रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ को मंजूरी दी थी, जो उन्हें रूस के तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इसके जवाब में भारत ने कहा है कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा और देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
न्यूयॉर्क पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जयशंकर से मुलाकात के बाद अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमरीका प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं और आगामी बहुपक्षीय प्रयासों पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।