भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए सिंधु जल संधि को पुरानी और वर्तमान परिस्थितियों के प्रतिकूल बताया है। भारत ने इस समझौते को मौजूदा हालात के विपरीत बताते हुए कहा कि जो देश आतंकवाद को प्रायोजित करता रहता है, वह सद्भावना और मित्रता पर आधारित सहयोग के लाभों की अपेक्षा नहीं कर सकता।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय मुद्दों को बार-बार उठाने के पाकिस्तान के प्रयासों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख सर्वविदित है। कोई भी तकनीकी व्यवस्था समय के साथ स्थिर नहीं रह सकती, जबकि उसके आसपास की दुनिया लगातार बदल रही है।