केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ अपनी क्षमताओं को मिलाकर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव को तेज कर सकते हैं और नई इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तकनीकों के जरिए टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा दे सकते हैं।
श्री कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में यूरोपीय संसद की उद्योग, अनुसंधान और ऊर्जा समिति (आईटीआरई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बैठक में औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उद्योगों से कार्बन उत्सर्जन कम करने के क्षेत्र में भारत-ईयू सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।
उन्होंने व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर बल दिया। श्री कुमारस्वामी ने औद्योगिक क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा बदलाव के लिए भारत के प्रयासों का उल्लेख किया। इनमें बीएचईएल की स्वदेशी गैसीफिकेशन तकनीक और स्क्रैप के पुनर्चक्रण, स्टील स्लैग के उपयोग तथा सर्कुलर इकोनॉमी के जरिए इस्पात क्षेत्र को हरित बनाने की योजना शामिल है।
यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने, घरेलू विनिर्माण मजबूत करने और औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भारत के प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छ तकनीक, टिकाऊ परिवहन और उन्नत ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में भारत-यूरोपीय संघ सहयोग और मजबूत करने में भी रुचि दिखाई।