विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबित मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए वर्तमान राजनयिक और सैन्य तंत्रों का उपयोग जारी रखे हुए हैं। नई दिल्ली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक की हालिया टिप्पणियों पर मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है, जब चीन की सेना निर्धारित गश्त के तौर-तरीकों से हटकर काम करती है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा की समझ बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने पर भी सहमति जताई है। श्री जायसवाल ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
ईरान के विमानों को हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति नहीं दिए जाने के दावों पर श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ईरान तक जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति में मदद करना जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को लेकर नई चुनौतियां पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत मानवीय आधार पर जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति में मदद के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
यमन तट के पास एक नौका दुर्घटना में 14 भारतीय नागरिकों के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि मंत्रालय संबंधित पक्षों के संपर्क में है और ये सभी भारतीय नागरिक होदेइदाह में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सऊदी अरब में फंसे भारतीयों के बारे में श्री जायसवाल ने बताया कि वहां फंसे लगभग तीन हजार उमराह ज़ायरीन उपलब्ध उड़ानों के जरिए स्वदेश लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा दस हजार से अधिक अन्य उमराह ज़ायरीन भी उपलब्ध उड़ानों से वापस आ गए हैं। उन्होंने बताया कि बाकी ज़ायरीन की जल्द से जल्द वापसी के लिए बातचीत चल रही है। श्री जायसवाल ने कहा कि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास फंसे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद दे रहे हैं।
भारत के रक्षा निर्यात के संबंध में श्री जायसवाल ने कहा कि सभी रक्षा निर्यात राष्ट्रीय दायित्वों, कानूनों और दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं।
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