भारत ने अमरीका और 13 अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन की समस्या से निपटने तथा वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने वाली गैर-बाजार नीतियों पर रोक लगाने के उपाय करने का आह्वान किया गया है।
15 भागीदार अर्थव्यवस्थाओं द्वारा हस्ताक्षरित यह संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय- यू.एस.टी.आर. ने कल रात जारी किया। यह बयान 30 सितंबर और पहली अक्टूबर को अमरीका के राज्य विस्कॉन्सिन के शहर मिलवॉकी में जी-20 देशों के व्यापार मंत्रियों के बीच हुई चर्चा के बाद जारी किया गया।
बयान में देशों ने बाजारों को प्रभावित करने वाली गैर-बाजार नीतियों को समाप्त करने सहित संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन को खत्म करने के उपाय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक देश इस तरह की विकृतियों से अपने उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्थाओं की रक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं। देशों ने जोर दिया कि सहयोग, सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वित कार्रवाई इन प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाएगी। बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, पोलैंड, तुर्किये, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं।