अक्टूबर 25, 2026 10:24 अपराह्न

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दार्जिलिंग में लोग श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मना रहे हैं शरद पूर्णिमा और लक्ष्मी पूजा का त्यौहार

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र में शरद पूर्णिमा और लक्ष्मी पूजा पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है। हिंदू परिवारों में मां लक्ष्मी की विशेष रात्रि पूजा की जा रही है। श्रद्धालु सुख, समृद्धि और आर्थिक खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

    स्थानीय नेपाली गोरखा समुदाय में इस पर्व को कोजाग्रत पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए रातभर जागने की परंपरा है।

    इस पर्व का एक प्रमुख अनुष्ठान खीर बनाकर उसे रातभर खुले आसमान के नीचे रखना है। पारंपरिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी अमृत जैसी किरणें खीर में औषधीय गुण भर देती हैं।

    आयुर्वेद से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में रखी खीर खाने से स्वास्थ्य लाभ होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मन को शांति मिलती है।

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं।