अगस्त 5, 2026 7:33 अपराह्न

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ब्रिक्स भ्रष्टाचार-विरोधी कार्य समूह की दूसरी बैठक हैदराबाद में संपन्न

हैदराबाद में आज ब्रिक्स भ्रष्टाचार-विरोधी कार्य समूह की दूसरी बैठक का समापन हो गया। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में इस दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया जिसका विषय था “सामर्थ्य, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।”

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की सचिव रचना शाह ने बैठक का उद्घाटन करते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा सुशासन और सतत विकास की नींव है। उन्होंने मजबूत संस्थानों, प्रौद्योगिकी-आधारित पारदर्शिता तथा तेजी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया।

बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि ब्रिक्स के सदस्यों ने कानून प्रवर्तन विशेषज्ञों के ब्रिक्स नेटवर्क के लिए भारत के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की। यह नेटवर्क भ्रष्टाचार के मामलों में वांछित भगोड़ों का पता लगाने में सहायता करेगा और प्रत्यर्पण में सहयोग प्रदान करेगा जो वर्तमान कानूनी प्रक्रियाओं का पूरक होगा।

समूह ने अनौपचारिक सहयोग के संबंध में ब्रिक्स की ओर से सूचनाओं का एक नया भंडार बनाने का भी स्वागत किया जिसका उद्देश्य ऐसे अपराधियों का पता लगाने के लिए जानकारी साझा करना है।

ब्रिक्स विशेषज्ञ नेटवर्क ने संपत्ति वसूली के संबंध में जांच के दौरान तेजी से सूचना के आदान-प्रदान के लिए मानकीकृत प्रारूपों पर सहमति व्यक्त की। सदस्यों ने ब्रिक्स देशों के बीच सीधे संचार के लिए फोकल पॉइंट्स और विशेषज्ञों की निर्देशिका को भी स्वीकृति दी।

बैठक के एक विशेष सत्र में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एआई, बिग डेटा और डिजिटल खरीद के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। एक अन्य सत्र में फिनटेक और वर्चुअल डिजिटल संपंत्तियों से जुड़े जोखिमों पर चर्चा की गई और सुदृढ़, जोखिम-आधारित नियमों और वित्तीय खुफिया इकाइयों, एफआईयू-से-एफआईयू के बीच त्वरित सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

आज समापन सत्र में अधिकारियों ने कहा कि हैदराबाद में हुई बैठकों ने संपत्ति वसूली, सीमा पार भ्रष्टाचार से लड़ने और पारदर्शी, तकनीक-आधारित शासन को बढ़ावा देने में ब्रिक्स देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।