गृह मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों सहित सीमा से जुड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस अधीक्षक भाग लेंगे। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करना तथा कानून-प्रवर्तन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों की पहचान कर देश की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है, जब केंद्र सरकार अवैध घुसपैठ और अवैध प्रवासन के विरुद्ध अपना अभियान तेज़ कर रही है। सरकार का मानना है कि विशेष रूप से देश के पूर्वी अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध प्रवासन के माध्यम से कुछ जिलों की जनसांख्यिकीय संरचना को प्रभावित करने के संगठित प्रयास किए गए हैं।
सम्मेलन में सीमा पार घुसपैठ, अवैध प्रवासन, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, सीमा सुरक्षा, ड्रोन से उत्पन्न खतरे तथा मादक पदार्थों की तस्करी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
यह सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा कुछ महीने पहले गठित उस उच्चस्तरीय समिति की पृष्ठभूमि में भी आयोजित हो रहा है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की सीमा का अध्ययन करने तथा उनके लिए उत्तरदायी कारणों की पहचान करने का दायित्व सौंपा गया है।