गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने देश में नशीले पदार्थों की समस्या को खत्म करने के लिए 31 दिसम्बर 2029 का लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आज पुलिस स्मृति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री शाह ने देश के पुलिस बलों से नशीले पदार्थों की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या एक गम्भीर चुनौती है। यह भावी पीढि़यों को नुकसान पहुंचाती है, अर्थव्यवस्था पर अनुचित बोझ डालती है और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
श्री शाह ने कहा कि देश इस वर्ष 31 मार्च को नक्सलवाद से मुक्त हो गया था। देश की सेवा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश ने 1981 से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का दंश झेला। इस दौरान तीन हजार छह सौ से अधिक सुरक्षाकर्मियों और लगभग 13 हजार निर्दोष नागरिकों की जान गई।
गृह मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से कुल 36 हजार आठ सौ बावन पुलिस कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण गंवाए। उन्होंने कहा कि देश अपने प्राणों की आहूति देने वाले कर्मियों और उनके परिजनों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के बलिदान ने देश की प्रगति और विकास की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान के बिना देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं था।
गृह मंत्री ने कहा कि देश के लोकतंत्र की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सुचारू संचालन केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बिना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश में चुनावी हिंसा खत्म हो गई है। श्री शाह ने कहा कि इस बार सुरक्षा बलों की सतर्कता की वजह से पश्चिम बंगाल में चुनाव पहली बार बिना किसी हिंसा के आयोजित हुए।
इससे पहले, गृह मंत्री ने राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया। इस रैली का विषय है- नशीले पदार्थों के विरुद्ध लड़ाई।