अक्टूबर 29, 2026 9:23 अपराह्न

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राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की बैठक, गृह मंत्री अमित शाह ने की अध्यक्षता

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता के माध्यम से छोटे किसानों, पशुपालकों, ग्रामीण महिलाओं, मछुआरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनकी सामूहिक ताकत और सीमित संसाधनों के जरिए देश के विकास से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां कम पूंजी के साथ बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।

श्री शाह आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम – एनसीडीसी की आम परिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की रैंकिंग में भारतीय सहकारी संस्थाओं के अच्छे प्रदर्शन को देश के सहकारिता क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने सहकारी चीनी मिलों के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था पर आधारित नए कारोबारी मॉडल विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2030 तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य-पालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री शाह ने कहा कि एनसीडीसी ने वित्तीय प्रदर्शन और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इसकी उपलब्धियों में प्रति कर्मचारी मुनाफे में वृद्धि, अधिक ऋण मंजूर करना और वितरित करना तथा शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों को शून्य पर बनाए रखना शामिल है। उन्होंने बताया कि एनसीडीसी ने उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, ग्रामीण उद्योगों, जल संरक्षण, कृषि बीमा, सहकारी बैंकिंग और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भी अपना काम बढ़ाया है। श्री शाह ने निगम को अगले 25 वर्षों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, भारत टैक्सी, सहकार सारथी और राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त और विकास निगम जैसी संस्थाओं के विकास में एनसीडीसी की भूमिका की सराहना की। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एनसीडीसी के लेखा-परीक्षित वार्षिक खातों, वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की गई।