अक्टूबर 14, 2026 9:16 अपराह्न

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हरियाणा ने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को विनियमित करने के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा लागू किया

हरियाणा राज्य ने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को विनियमित करने के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा लागू किया है। इस नियामक ढांचे में छह श्रेणियों के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। इनमें स्वतंत्र मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभाग, बहुविशेषज्ञ अस्पतालों के मनोरोग वार्ड, नशामुक्ति केंद्र, मनोसामाजिक पुनर्वास केंद्र और अन्य संस्थान शामिल हैं। इसके अंतर्गत इनका पंजीकरण, स्टाफिंग, रोगी सुरक्षा, उपचार रिकॉर्ड और संस्थागत जवाबदेही निर्धारित मानकों के अंतर्गत लाई गई है।

हरियाणा के स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज चंडीगढ़ में बताया कि स्‍थायी पंजीकरण, न्‍यूनतम मानकों के साथ आवश्‍यक दस्‍तावेज प्रमाण के अनुपालन और पेशेवर क्वालिफिकेशन, रोगियों के अधिकार, चिकित्‍सा रिकॉर्ड, शारीरिक संयम, निजता, स्‍वच्‍छता, अग्नि सुरक्षा और पहुंच संबंधी प्रावधानों के लिए नियमों के अनुसार स्थायी पंजीकरण के लिए 25 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि विनियमों में आवास, स्वच्छता, चिकित्सा उपकरण, स्टाफिंग और आपातकालीन तैयारियों के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित किए गए हैं। इनमें पर्याप्त वेंटिलेशन, अलग-अलग बिस्तर, साफ बिस्तर, पानी की आपूर्ति, पुरुष और महिला रोगियों के लिए स्वच्छता सुविधाएं, बिजली बैकअप और सुरक्षित बायोमेडिकल अपशिष्ट निपटान के प्रावधान शामिल हैं। ये मानक निवासियों को फर्श पर सोने से रोकते हैं और संस्थानों को निजता, व्यक्तिगत गरिमा और सुरक्षा के लिए व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता होती है।